जानें अलसी के फायदे और नुकसान | 15 Amazing Benefits of Flaxseed.

हैलो दोस्तों , आयुर्वेद और साहित्य ब्लॉग के इस आर्टिकल में हम आरोग्यवर्धक सुपर फ़ूड अलसी के फायदे और नुकसान से सम्बन्धित जानकारी शेयर कर रहे हैं . आशा है यह जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी . अलसी के फायदे जानने के लिए पढ़ते रहिये .

अलसी के फायदे और नुकसान

Table of Contents

अलसी का सामान्य परिचय

अलसी का पौधा लगभग एक मीटर ऊंचा होता है . भारत में यह अधिकतर मध्यप्रदेश , बिहार , उड़ीसा , बंगाल , महाराष्ट्र आदि प्रान्तों में पाया जाता है . अलसी में ओमेगा 3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है . कैंसर , डायबिटीज , ब्लड प्रेशर आदि में अति उपयोगी होने के कारण इसे सुपर फ़ूड कहा गया है .

अलसी को अंग्रेजी में Flexseed , हिंदी में अलसी , तीसी और लेटिन में Linum usitatissimum कहा जाता है . आयुर्वेद अनुसार अलसी वातशामक , शोथहर , कासहर , मूत्रल और वेदनाशामक होता है .

अलसी के फायदे और नुकसान

अलसी एक सम्पूर्ण आहार है जिसमें प्रोटीन , विटामिन्स , खनिज लवण , फाइबर , ओमेगा 3 आदि पोषक तत्त्व पाये जाते हैं . स्वास्थ्यवर्धक गुणों के कारण अलसी का विभिन रोगों में औषधीय उपयोग किया जाता है . आइये जानते हैं अलसी के फायदे और नुकसान क्या हैं .

अलसी के फायदे

आयुर्वेद में व्रण शोथ , हृदय शूल , पार्श्व शूल , त्वचा रोग , अर्श , विबंध , कास , श्वास , मूत्रकृछ्र आदि में अलसी के औषधीय उपयोग बताये गये हैं . विभिन्न रोगों में अलसी के फायदे निम्नानुसार हैं .

अलसी के फायदे

डायबिटीज में अलसी का लाभ

अलसी के बीजों में मधुमेह रोधी गुण पाए जाने के कारण इसके सेवन से डायबिटीज के रोगियों को लाभ होता है तथा ब्लड में शुगर का स्तर कम होता है . ( यह भी पढ़ें – डायबिटीज के लक्षण और उपाय )

हृदय रोगों में लाभदायक

अलसी में ओमेगा 3 फैटी एसिड व लिग्नेन की मौजूदगी के कारण यह हृदय के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है तथा कोलेस्ट्रोल के स्तर को सामान्य रखने में मदद करता है .

अलसी जोड़ों के दर्द में उपयोगी

अलसी में शोथहर और दर्द निवारक गुण होने के कारण इसका सेवन जोड़ों के दर्द में लाभदायक होता है .

ब्लड प्रेशर नियंत्रण में सहायक

अलसी में ओमेगा 3 , फाइबर , लिग्नेन आदि की उपलब्धता के कारण यह रक्तचाप को सामान्य रखने में मदद करता है . ( यह भी पढ़ें – हाई ब्लड प्रेशर में क्या नहीं खाना चाहिए )

पीरियड्स में अलसी के लाभ

महिलाओं में मासिक स्राव ( पीरियड्स ) के दौरान ऐंठन और दर्द होने की स्थिति में अलसी का सेवन लाभप्रद होता है . ( यह भी पढ़ें – पीरियड्स में दर्द कैसे कम करें )

लिवर के लिए अलसी लाभप्रद

अलसी का सेवन चयापचय की दर बढ़ा कर लिवर ( यकृत ) को स्वस्थ रखने में सहायक होता है .

अलसी का सेवन स्किन के लिए फायदेमंद

अलसी का सेवन त्वचा को स्वस्थ और सुन्दर बनाता है तथा बढ़ती उम्र का असर कम करता है .

अलसी के फायदे बालों के लिए

अलसी के फायदे बालों के लिए

अलसी का तेल बालों के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है . बालों में अलसी का तेल लगाने से बाल घने , काले और मजबूत होते हैं एवं बाल झड़ने की समस्या में लाभ होता है . ( यह भी पढ़ें – कम उम्र में बाल झड़ने के कारण )

अलसी का मूत्र रोगों में उपयोग

मूत्रल होने के कारण अलसी के सेवन से मूत्रावरोध ( पेशाब की रुकावट ) नष्ट होती है तथा पेशाब खुल कर आता है .

अलसी गर्भाशय के लिए लाभकारी

अलसी का सेवन करने से गर्भाशय को स्वस्थ और मजबूत रखने में सहायता मिलती है .

इम्युनिटी बढाने में सहायक

अलसी में आरोग्यवर्धक गुण और पोषक तत्त्वों की मौजूदगी के कारण इसके सेवन से रोग प्रतिरोधक क्षमता ( इम्युनिटी ) में वृद्धि होती है .

अलसी से बवासीर में फायदा

अलसी में मौजूद फाइबर के कारण यह आँतों से मल को बाहर निकालने में सहायक होता है जिससे यह कब्ज ( विबंध ) और बवासीर ( अर्श ) के रोगियों के लिए लाभप्रद होता है .

खांसी और अस्थमा में अलसी से लाभ

कासहर और शोथहर गुण के कारण अलसी के सेवन से कास – श्वास के रोगियों को लाभ होता है . ( यह भी पढ़ें – दमा की आयुर्वेदिक दवा )

सूजन में अलसी का उपयोग

सूजन होने पर अलसी की बीजों का सेवन लाभप्रद होता है . व्रण शोथ में अलसी की बीजों को पानी में पीस कर लेप लगाने से लाभ होता है .

जलने पर अलसी का प्रयोग

जल जाने पर अलसी के बीजों को चूने के पानी में पीस कर लगाने से लाभ होता है .

अलसी के नुकसान

अलसी को सुपर फ़ूड कहा जाता है और इसमें अनेक औषधीय गुण पाये जाते हैं किन्तु इसके अधिक सेवन से तथा व्यक्ति विशेष को अलसी से नुकसान भी हो सकते हैं . आइये जानते हैं अलसी के नुकसान क्या हैं .

  • गर्भावस्था में अलसी का सेवन करने से पूर्व अपने चिकित्सक से परामर्श अवश्य करें . बिना चिकित्सकीय सलाह अलसी का सेवन न करें .
  • जिन लोगों को अलसी से एलर्जी है उन्हें अलसी का सेवन नहीं करना चाहिए .
  • जो लोग खून पतला करने जैसी मेडिसिन ले रहे हैं उन्हें अलसी के सेवन से पूर्व अपने चिकित्सक से सलाह अवश्य लेनी चाहिए .
  • अतिसार ( दस्त ) से पीड़ित होने पर अलसी का अधिक सेवन समस्या बढ़ा सकता है .
  • मूत्राधिक्य ( बार बार पेशाब आना ) की समस्या होने पर अलसी का सेवन न करें . अलसी में मूत्रल गुण होने के कारण यह पेशाब की मात्रा बढाता है .

अलसी के बीज खाने का तरीका

अलसी के बीज खाने का तरीका

अलसी के बीजों को निम्नलिखित तरीकों से सेवन करना चाहिए .

  • अलसी के बीजों को रात में पानी में भिगो दें और सुबह खाली पेट खा लें .
  • अलसी के बीजों को पीस कर पाउडर बना कर सेवन किया जा सकता है .
  • अलसी के बीजों को भून कर सेवन किया जा सकता है .

FAQ

प्रश्न – अलसी खाने से कौनसी बीमारी दूर होती है ?

उत्तर – अलसी का शोथ , मधुमेह , रक्तचाप , अर्श , विबंध , कास , श्वास , मूत्रकृच्छ आदि रोगों में उपयोग किया जाता है .

प्रश्न – अलसी कब नहीं खानी चाहिए ?

उत्तर – अधिक मासिक स्राव होने पर , अतिसार होने पर , मूत्राधिक्य होने पर तथा गर्भावस्था में अलसी नहीं खानी चाहिए .

प्रश्न – क्या अलसी के कारण खून पतला होता है ?

उत्तर – अलसी में खून को पतला करने का गुण होता है .

दोस्तों , इस लेख में हमने अलसी के फायदे और नुकसान के बारे में बताया . अगले लेख में अन्य किसी उपयोगी जानकारी के साथ हाजिर होंगे .

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