जानें केसर वाला दूध कब पीना चाहिए ? | 15 Amazing Benefits of Saffron Milk.

पौष्टिक गुणों से भरपूर दूध में केसर मिलने से दूध के गुण और भी बढ़ जाते हैं . आज इस आर्टिकल में हम बता रहे हैं कि केसर वाला दूध कब पीना चाहिए और केसर दूध पीने के क्या क्या फायदे हैं .

केसर वाला दूध कब पीना चाहिए
केसर वाला दूध कब पीना चाहिए ?

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केसर वाला दूध बनाने की विधि

  • केसर वाला दूध बनाने के लिए एक गिलास में 3-4 पत्ती केसर की चूर कर डालें .
  • दूध को 10-12 मिनिट तक धीमी आंच में उबालें .
  • आंच से उतार कर गुनगुना पी लें अथवा ठंडा कर के भी पिया जा सकता है .
  • स्वाद बढाने के लिए इस दूध में इलायची , पिस्ता , बादाम आदि भी मिला सकते हैं .

केसर दूध हर रोज पीने के फायदे

केसर उष्णवीर्य अर्थात् गर्म तासीर वाला होता है इसलिए सर्दी के मौसम में केसर वाला दूध पीना विशेष लाभदायक होता है . दूध स्वयं एक पौष्टिक पेय होता है और इसमें केसर मिलाने से इसके गुणों में वृद्धि हो जाती है . आइये जानते हैं केसर दूध हर रोज पीने के फायदे क्या क्या हैं .

केसर दूध हर रोज पीने के फायदे
केसर दूध हर रोज पीने के फायदे

केसर वाला दूध बढाता है इम्युनिटी

केसर वाला दूध पीने से विटामिन्स और खनिज प्राप्त होने के कारण रोग प्रतिरोधक क्षमता ( इम्युनिटी ) में वृद्धि होती है जिससे रोगों से बचाव में मदद मिलती है .

केसर दूध से होती है हड्डियां मजबूत

केसर वाले दूध में भरपूर कैल्शियम होने के कारण इसके सेवन से हड्डियों को मजबूती मिलती है .

केसर वाला दूध याददाश्त बढाने में सहायक

केसर वाला दूध पीने से मस्तिष्क को बल मिलता है जिससे स्मरण शक्ति ( याददाश्त ) में वृद्धि होती है . ( यह भी पढ़ें – याददाश्त बढाने की आयुर्वेदिक दवा )

केसर दूध से मानसिक तनाव में कमी

केसर युक्त दूध का सेवन करने से तंत्रिका तंत्र को आराम मिलता है और मानसिक तनाव कम होता है .

केसर युक्त दूध से मांसपेशियों को मजबूती

केसर युक्त दूध पीने से प्रोटीन के कारण मांसपेशियां सुगठित और मजबूत बनती हैं .

केसर वाला दूध आँखों की रोशनी बढाने में मददगार

केसर युक्त दूध का सेवन करने से भरपूर विटामिन ए मिलने के कारण आँखें स्वस्थ रहती हैं और नेत्र ज्योति बढ़ती है .

केसर युक्त दूध से आती है अच्छी नींद

केसर वाला दूध का सेवन अच्छी नींद लाने में सहायक है इसलिए अनिद्रा के रोगियों के लिए लाभदायक है . ( यह भी पढ़ें – अनिद्रा के लिए आयुर्वेदिक दवा )

त्वचा के सौन्दर्य के लिए लाभप्रद है केसर युक्त दूध

केसर युक्त दूध में एंटी ओक्सिडेंट के कारण झुर्रियां पड़ने से बचाव होता है और त्वचा की सुन्दरता बढ़ती है .

केसर युक्त दूध से शारीरिक शक्ति में वृद्धि

केसर वाला दूध पीने से शरीर की ऊर्जा में वृद्धि होती है और चुस्ती फुर्ती बढ़ती है .

केसर वाले दूध से खांसी में आराम

केसर युक्त गर्म दूध पीने से खांसी में आराम मिलता है और कफ विकार नष्ट होते हैं .

एनीमिया में लाभकारी है केसर दूध

केसर में आयरन होने के कारण केसर युक्त दूध के सेवन से खून की कमी दूर होती है . इसलिए केसर वाला दूध एनीमिया के रोगियों के लिए लाभप्रद होता है . ( पढ़ें – महिलाओं में खून की कमी दूर करने के उपाय )

केसर युक्त दूध से पौरुष शक्ति में वृद्धि

केसर वाला दूध पीने से पुरुषों के बल और वीर्य में वृद्धि होती है इसलिए यह पौरुष शक्ति को बढाने वाला होता है .

केसर वाला दूध थकान और कमजोरी में लाभप्रद

शारीरिक श्रम या व्यायाम करने के बाद होने वाली थकान में केसर युक्त दूध पीने से लाभ होता है तथा कमजोरी और थकान दूर होती है . ( यह भी पढ़ें – कमजोरी और थकान दूर करने के उपाय )

केसर युक्त दूध कैंसर से बचाव में सहायक

एक रिसर्च के अनुसार केसर वाला दूध पीने से आँतों के कैंसर का ख़तरा 40 प्रतिशत कम होता है .

केसर युक्त दूध से कब्ज में राहत

केसर वाला दूध पीने से मलावरोध नष्ट होता है तथा कब्ज से राहत मिलती है . ( यह भी पढ़ें – कब्ज के कारण और निवारण )

केसर वाला दूध कब पीना चाहिए

केसर तथा दूध दोनों पौष्टिक तत्त्वों से युक्त होते हैं तथा शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं लेकिन किसी भी चीज का सेवन निर्धारित मात्रा और उचित समय पर करने से विशेष लाभ मिलता है इसलिए आइये जानते हैं केसर वाला दूध कब पीना चाहिए .

केसर वाला दूध कब पीना चाहिए
केसर वाला दूध कब पीना चाहिए ?
  • केसर की तासीर गर्म होती है इसलिए केसर युक्त दूध का सेवन सर्दियों के मौसम में अधिक फायदेमंद होता है .
  • केसर युक्त दूध का सेवन रात के भोजन के बाद सोने से पहले करना अच्छा रहता है .
  • प्रेगनेंसी में केसर युक्त दूध का सेवन चौथे माह में करना चाहिए . इससे पूर्व केसर का सेवन गर्म तासीर के कारण नुकसानदायक हो सकता है .

प्रेगनेंसी में केसर कब खाना चाहिए ?

प्रेगनेंसी में केसर कब खाना चाहिए
प्रेगनेंसी में केसर कब खाना चाहिए ?

केसर गर्म तासीर वाला होता है इसलिए गर्भावस्था ( प्रेगनेंसी ) के प्रारम्भिक दिनों में केसर का सेवन करने से गर्भस्राव का खतरा हो सकता है . इसलिए प्रेगनेंसी में चौथे महीने से पहले केसर का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए . चौथे महीने में गर्भ के पक्व होने के बाद केसर युक्त दूध का सेवन करना चाहिए .

FAQ

प्रश्न – केसर वाला दूध कौन से महीने से पीना चाहिए ?

उत्तर – गर्भावस्था में चौथे महीने से केसर युक्त दूध पीना चाहिए . गर्भावस्था के प्रारम्भिक महीनों एवं अंतिम महीनों में केसर का सेवन नहीं करना चाहिए . चौथा – पांचवा महीना केसर के सेवन के लिए उपयुक्त माना जाता है .

प्रश्न – एक गिलास में कितना केसर डालें ?

उत्तर – एक गिलास दूध में केसर के 2-4 रेशे डाल कर धीमी आंच पर उबाल लें . 10-15 मिनिट बाद इस दूध को आंच से उतार कर गुनगुना या ठंडा कर पी लें .

प्रश्न – क्या पुरुष केसर वाला दूध रोज पी सकते हैं ?

उत्तर – केसर युक्त दूध के सेवन से शारीरिक और मानसिक शक्ति में वृद्धि होती है , त्वचा सुन्दर होती है तथा अनेक स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं किन्तु गर्मियों में केसर का सीमित मात्रा में प्रयोग करना चाहिए क्योंकि इसकी तासीर गर्म होती है .

दोस्तों , आयुर्वेद और साहित्य ब्लॉग के इस आर्टिकल में आज हमने केसर वाला दूध कब पीना चाहिए तथा केसर दूध हर रोज पीने के फायदे क्या हैं , यह सब जाना . अगले लेख में अन्य किसी उपयोगी जानकारी के साथ हाजिर होंगे .

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