फलत्रिकादि क्वाथ इन डायबिटीज | Best Uses of Phaltrikadi Kwath.

हैलो दोस्तों , आयुर्वेद और साहित्य ब्लॉग में आयुर्वेदिक दवाओं की जानकारी की कड़ी में आज हम आयुर्वेद औषधि फलत्रिकादि क्वाथ के फायदे और Benefits of फलत्रिकादि क्वाथ इन डायबिटीज के सम्बन्ध में जानकारी पेश कर रहे हैं . आशा है यह जानकारी आपके लिए उपयोगी होगी .

फलत्रिकादि क्वाथ इन डायबिटीज

फलत्रिकादि क्वाथ चूर्ण क्या है ?

फलत्रिकादि क्वाथ चूर्ण एक आयुर्वेदिक दवा है जो मधुमेह , लिवर , पाचन सम्बन्धित विकारों आदि की चिकित्सा में प्रयोग किया जाता है . आयुर्वेदिक स्टोर पर फलत्रिकादि क्वाथ चूर्ण तथा तरल ( तैयार काढ़ा ) के रूप में उपलब्ध होता है . फलत्रिकादि क्वाथ चूर्ण को पानी में उबाल कर चतुर्थांश शेष रहने पर छान कर उपयोग में लिया जाता है तथा तरल अवस्था में उपलब्ध क्वाथ को सिरप की तरह प्रयोग किया जाता है .

फलत्रिकादि क्वाथ के घटक

फलत्रिकादि क्वाथ के घटक

आयुर्वेद औषधि फलत्रिकादि क्वाथ में प्रयुक्त घटक द्रव्य निम्नानुसार हैं .

फलत्रिकादि क्वाथ के फायदे

फलत्रिकादि क्वाथ का प्रयोग आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा मधुमेह , यकृत विकार , पाचन सम्बन्धित समस्याओं आदि के उपचार के लिए किया जाता है . आये जानते हैं फलत्रिकादि क्वाथ के फायदे किन किन रोगों में हैं .

फलत्रिकादि क्वाथ के फायदे

लिवर के लिए फलत्रिकादि क्वाथ के फायदे

लिवर सम्बन्धित विकारों में फलत्रिकादि क्वाथ का सेवन करने से लाभ होता है .

फलत्रिकादि क्वाथ का बुखार में प्रयोग

फलत्रिकादि क्वाथ में प्रयुक्त गिलोय , कुटकी , चिरायता आदि औषधियां ज्वरशामक होती हैं इसलिए फलत्रिकादि क्वाथ का सेवन करने से बुखार में भी फायदा होता है .

पीलिया में फलत्रिकादि क्वाथ का उपयोग

फलत्रिकादि क्वाथ लिवर के स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है और यकृत के कार्य सम्पादन को बेहतर बनाता है इसलिए पीलिया में फलत्रिकादि क्वाथ का सेवन लाभदायक होता है . ( यह भी पढ़ें – पीलिया में चावल खाना चाहिए या नहीं )

फलत्रिकादि क्वाथ से उदर रोगों में लाभ

फलत्रिकादि क्वाथ में प्रयुक्त त्रिफला ( हरीतकी , विभीतकी , आमलकी ) उदर विकारों में लाभप्रद होते हैं इसलिए फलत्रिकादि क्वाथ का सेवन उदर रोग ( पेट से सम्बन्धित समस्याओं ) में लाभदायक होता है .

फलत्रिकादि क्वाथ इन डायबिटीज

फलत्रिकादि क्वाथ इन डायबिटीज

फलत्रिकादि क्वाथ मधुमेह ( डायबिटीज ) के प्रबंधन में बेहतर भूमिका निभाता है और फलत्रिकादि क्वाथ के सेवन से ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है . डायबिटीज की अन्य एलोपैथी मेडिसिन के समान फलत्रिकादि क्वाथ के प्रयोग से साइड इफेक्ट्स देखने को नहीं मिलते तथा रोगी स्वस्थ अनुभव करता है . ( यह भी पढ़ें – डायबिटीज के लक्षण और उपाय )

फलत्रिकादि क्वाथ के नुकसान

सामान्यतः फलत्रिकादि क्वाथ के दुष्प्रभाव देखने को नहीं मिलते किन्तु यह एक आयुर्वेदिक दवा है इसलिए हमेशा आयुर्वेद चिकित्सक के परामर्श और निर्देशानुसार ही सेवन करना चाहिए . अनुचित मात्रा में तथा बिना चिकित्सकीय सलाह फलत्रिकादि क्वाथ का सेवन करने से निम्नानुसार नुकसान हो सकते हैं .

  • फलत्रिकादि क्वाथ के अधिक सेवन से पेट में जलन , उल्टी , सिर दर्द आदि समस्याएँ हो सकती हैं .
  • जिन लोगों को फलत्रिकादि क्वाथ में प्रयुक्त सामग्री में किसी औषधि से एलर्जी हो तो ऐसी स्थिति में इसका सेवन नहीं करना चाहिए .
  • गर्भवती महिलाओं को फलत्रिकादि क्वाथ के सेवन से पूर्व अपने चिकित्सक से परामर्श करना चाहिए .

फलत्रिकादि क्वाथ सेवन विधि

फलत्रिकादि क्वाथ एक आयुर्वेदिक दवा है इसलिए हमेशा आयुर्वेदिक डॉक्टर के दिशा निर्देशानुसार ही सेवन करना चाहिए . सामान्यतः फलत्रिकादि क्वाथ सेवन विधि निम्नानुसार है .

फलत्रिकादि क्वाथ चूर्ण – फलत्रिकादि क्वाथ चूर्ण को 10-20 ग्राम की मात्रा में 100 – 200 ml पानी में अच्छी तरह से उबालें . जब अच्छी तरह से उबल जाए और एक चौथाई ( चतुर्थांश ) शेष रह जाए तो छानकर प्रयोग करें .

फलत्रिकादि क्वाथ ( तरल ) – 15-30 ml

FAQ

प्रश्न – फलत्रिकादि क्वाथ चूर्ण कैसे खाएं ?

उत्तर – फलत्रिकादि क्वाथ चूर्ण का काढा बना कर सेवन किया जाता है . ऊपर फलत्रिकादि क्वाथ चूर्ण की सेवन विधि बतायी गयी है .

प्रश्न – फलत्रिकादि क्या है ?

उत्तर – फलत्रिकादि में त्रिफला ( हरड़ , बहेड़ा , आंवला ) एवं अन्य औषधियां कुटकी , चिरायता आदि का समावेश होता है . फलत्रिकादि क्वाथ एक आयुर्वेदिक दवा है जो डायबिटीज , यकृत विकार आदि की चिकित्सा में प्रयोग किया जाता है .

दोस्तों , आज के आर्टिकल में हमारा विषय फलत्रिकादि क्वाथ इन डायबिटीज एवं फलत्रिकादि क्वाथ के फायदे था . आशा है आपको यह लेख पसंद आया होगा . अगले लेख में अन्य किसी उपयोगी और रोचक जानकारी के साथ हाजिर होंगे .

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