बच्चेदानी में सूजन की आयुर्वेदिक दवा और घरेलू उपाय | Best Ayurvedic Medicines and Home Remedies for Bulky Uterus.

आधुनिक जीवन शैली , अनियमित दिनचर्या और पीरियड्स के दौरान असावधानियों के कारण महिलाओं में बच्चेदानी की सूजन आम समस्या बनती जा रही है . इस लेख में हम बच्चेदानी में सूजन की आयुर्वेदिक दवा और घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं जो निश्चित ही इस समस्या से पीड़ित महिलाओं के लिए उपयोगी और लाभप्रद होंगे .

बच्चेदानी में सूजन की आयुर्वेदिक दवा
बच्चेदानी में सूजन की आयुर्वेदिक दवा

बच्चेदानी में सूजन क्यों होता है ?

बच्चेदानी में सूजन या गर्भाशय शोथ के अनेक कारण हो सकते हैं . गर्भाशय शोथ के सामान्य कारण निम्नलिखित हैं .

बच्चेदानी में सूजन क्यों होता है
  • अनियमित मासिक स्राव या पीरियड्स का अचानक रुक जाना या अचानक आ जाना .
  • गर्भपात होना .
  • गर्भाशय में चोट लग जाना .
  • अधिक मैथुन करना .
  • दवाइयों के दुष्प्रभाव से .
  • उलटे सीधे आसन या गलत पोजीशन में संसर्ग ( Sex ) करना .
  • लम्बे समय से ल्यूकोरिया से पीड़ित होना .
  • शारीरिक श्रम न करना .
  • अधिक शारीरिक श्रम या व्यायाम करना .
  • बहुत ज्यादा टाइट कपडे पहनना .
  • कब्ज रहना .

बच्चेदानी में सूजन के लक्षण

रोग के प्रारम्भ में कोई विशेष लक्षण प्रकट नहीं होते हैं इसलिए निदान करना मुश्किल होता है किन्तु रोग के कुछ बढ़ जाने पर निम्नलिखित लक्षण प्रकट होते हैं .

बच्चेदानी में सूजन के लक्षण
बच्चेदानी में सूजन के लक्षण
  • पेट में दर्द
  • उल्टी की इच्छा
  • अफारा
  • कमर दर्द
  • बार बार मूत्र त्याग की इच्छा
  • अतिसार या कब्ज
  • ज्वर और कभी कभी ज्वर के साथ खांसी
  • रोग बढ़ने पर चिकना द्रव , कफ जैसा पदार्थ , पूय या रक्त मिश्रित द्रव निकलता है
  • हाथ पैरों में दर्द
  • शारीरिक दुर्बलता
  • पीरियड्स के समय तेज पीड़ा
  • पेट के निचले हिस्से में भारीपन

बच्चेदानी में सूजन का घरेलू उपाय

गर्भाशय शोथ ( बच्चेदानी में सूजन ) होने पर पीड़ित महिला का उचित ध्यान रखा जाए , संयमित खान पान और दिनचर्या का पालन किया जाए तथा कुछ घरेलू उपाय अपनायें जाएँ तो काफी हद तक रोगिणी को राहत मिल सकती है . नीचे कुछ सामान्य उपाय बताये जा रहे हैं जो गर्भाशय शोथ से पीड़ित महिला के लिए लाभप्रद हो सकते हैं .

  • आहार विहार ( खान पान और रहन सहन ) संयमित होना चाहिए .
  • हल्का और सुपाच्य भोजन दें .
  • प्रेम और सहानुभूति पूर्ण व्यवहार रखें .
  • गरिष्ठ भोजन , मिठाई , पकवान , कचौरी , समोसा , पिज्जा , बर्गर , चाट पकौड़ी , तेज मसालेदार भोजन न दिया जाए .
  • यदि रोग बढ़ गया हो और गर्भाशय से रक्त या पूय मिश्रित स्राव बह रहा हो तो रोगिणी को पूर्ण विश्राम कराएं और इस स्राव को रोकने हेतु चिकित्सकीय परामर्श करें .
  • कब्ज न होने दें .
  • दलिया , दाल , खिचड़ी , गेहूं की चपाती आदि खाने में दें .
  • फलों में अंगूर , संतरा , पपीता , सेब , कीवी , गाजर आदि खाने को दें .
  • सब्जियों में हरी सब्जी , पालक , परवल , बथुआ आदि अधिक खिलाएं . ( यह भी पढ़ें – बथुआ खाने के फायदे और नुकसान )
  • रात को सोते समय गर्मियों में हरड़ और सौंफ तथा सर्दियों में हरड़ और सौंठ की फांकी गर्म पानी के साथ दें .
  • शुभ्रा भस्म या टंकण भस्म से योनि की सफाई करें .
  • हल्दी वाला दूध पियें , हल्दी शोथ में प्रभावी ढंग से कार्य करती है .
  • त्रिफला क्वाथ से योनि की सफाई करें .
  • सौंठ और एरण्ड की जड़ का चूर्ण पानी के साथ पीस कर लेप करने से दर्द और सूजन में फायदा होता है .
  • वच , काला जीरा , सफ़ेद जीरा , पिप्पली , अडूसा ( वासा ) , अजमोद , यवक्षार , सैंधा नमक और मिश्री बराबर मात्रा में लेकर चूर्ण बनाकर एक चम्मच घी में भून कर खिलाएं .

बच्चेदानी में सूजन की आयुर्वेदिक दवा

गर्भाशय शोथ के उपचार हेतु आयुर्वेद में अनेक प्रभावी औषधियों का वर्णन है जिनके नियमित सेवन एवं पथ्यापथ्य का पालन करने से रोगिणी को पूर्ण लाभ मिलता है . सामान्यतः प्रयोग की जाने वाली बच्चेदानी में सूजन की आयुर्वेदिक दवा निम्नलिखित हैं जिनका योग्य आयुर्वेद चिकित्सक के दिशा निर्देशानुसार सेवन करना चाहिए .

FAQ

प्रश्न -बच्चेदानी में सूजन होने से क्या परेशानी होती है ?

उत्तर – बच्चेदानी में सूजन होने पर पेट दर्द , कमर दर्द , सिर दर्द , पीरियड्स के समय तेज दर्द , प्रदर , रक्त प्रदर , पेट के निचले हिस्से में भारीपन आदि परेशानियां होती हैं .

प्रश्न – सबसे अच्छा गर्भाशय टॉनिक कौनसा है ?

उत्तर – महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए अशोक , लोध्र , शतावरी आदि औषधियां बहुत लाभदायक होती हैं . अशोकारिष्ट महिलाओं के किये एक बेहतरीन गर्भाशय टॉनिक का कार्य करता है .

प्रश्न – बल्की यूटरस का मतलब क्या होता है ?

उत्तर – बल्की यूटरस का अर्थ है गर्भाशय शोथ या बच्चेदानी में सूजन . जब गर्भाशय या बच्चेदानी का आकार बढ़ जाता है तो उसे बल्की यूटरस कहा जाता है .

दोस्तों , आयुर्वेद और साहित्य ब्लॉग के इस आर्टिकल में हमने बच्चेदानी में सूजन की आयुर्वेदिक दवा और घरेलू उपाय से सम्बंधित जानकारी शेयर की . आशा है यह जानकारी आपको पसंद आयी होगी . अगले लेख में अन्य किसी उपयोगी जानकारी के साथ हाजिर होंगे .

अन्य पढ़ें

Leave a comment