हर घर तिरंगा …. हर घर तिरंगा ! हिन्दी कविता 2022

हर घर तिरंगा….हर घर तिरंगा !
आजादी का अमृत महोत्सव जोशो उमंग से मनायें
संकल्प करें कि राष्ट्रहित में जीवन अपना लगायें ।
हर घर तिरंगा….हर घर तिरंगा !
शोषित वंचित दबे कुचलों का जीवन स्तर उठायें
जिन आंखों की नींद खो गई फिर से स्वप्न जगायें ।
हर घर तिरंगा….हर घर तिरंगा !
शुद्ध हवा हो पानी हो शुद्ध पर्यावरण बचायें
जन्मदिवस हो या पर्व कोई हो एक पेड़ लगायें ।
हर घर तिरंगा….हर घर तिरंगा !
दिखे नहीं कूड़ा कचरा स्वच्छता को अपनायें
करें योग और रहें निरोग सबको यह बतलायें ।
हर घर तिरंगा….हर घर तिरंगा !
अंधविश्वास और आडम्बर जीवन से भगायें
ज्ञान विज्ञान तकनीक से जीवन समृद्ध बनायें ।
हर घर तिरंगा….हर घर तिरंगा !
जात पात और वर्ण धर्म का सारा भेद मिटायें
सब हैं अपने हम हैं सबके सबको गले से लगायें ।
हर घर तिरंगा….हर घर तिरंगा !
डॉ. राजेन्द्र वर्मा ” राजन “

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1 thought on “हर घर तिरंगा …. हर घर तिरंगा ! हिन्दी कविता 2022”

  1. वैयक्तिक तौर पर आज़ादी के इस महापर्व में चार चाँद और जड़ित होते यदि घृणित मटका कांड ना हुआ होता ।

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