कब्ज के घरेलू उपचार और आयुर्वेदिक दवा | 17 Easy Ways To Relieve Constipation .

अनुचित खान पान और अस्वस्थ जीवन शैली से कई समस्याएँ उत्पन्न हुई हैं जिनमें से एक है ” कब्ज ” . इस से पीड़ित हर व्यक्ति सोचता है आखिर कब्ज क्यों होता है और इससे निजात कैसे मिले ? आज हम अन्य कई समस्याओं को उत्पन्न करने वाली समस्या कब्ज के घरेलू उपचार और आयुर्वेदिक दवा बारे में चर्चा करेंगे .

कब्ज के घरेलू उपचार

कब्ज क्या है ?

सामान्य प्रक्रिया में बिना जोर लगाए सही समय पर मल त्याग हो जाने के बाद पेट में हल्कापन महसूस होता है . कब्ज होने पर मल त्याग के समय बहुत तकलीफ होती है और जोर लगाना पड़ता है . पेट पूरी तरह साफ़ नहीं होता . सामान्यतः एक दिन में एक या दो बार शौच जाना चाहिए मगर जब पूरे दिन में एक बार भी शौच न हो या दो तीन दिन में एक बार हो , दिन में एक बार शौच में भी ताकत लगानी पड़ती हो और मल बहुत कम , गाँठदार या सख्त आता हो तो उसे कब्ज कहा जाता है .

कुछ लोगों को अस्थायी कब्ज होती है जो दो तीन दिन में स्वतः सही हो जाती है लेकिन कुछ लोगों को यह लम्बे समय तक रहती है और विरेचक दवा ( लेक्जेटिव ) लेने पर ही मल त्याग हो पाता है . लम्बे समय तक कब्ज बने रहना बाद में अन्य कई रोगों को जन्म देता है और व्यक्ति अर्श ( बवासीर ) , भगंदर ( नासूर ) जैसी कष्टप्रद बीमारियों से ग्रस्त हो जाता है . ( और पढ़ें – बवासीर का इलाज )

कब्ज क्यों होता है ?

कब्ज क्यों होता है

पेट के सभी रोगों में गलत खान पान मुख्य कारण होता है . कब्ज भी गलत खान पान , गलत रहन सहन और गलत आदतों का परिणाम है . गरिष्ठ भोजन का सेवन , मैदा से बने खाद्य पदार्थों का सेवन , ज्यादा चाट पकौड़ी , पिज्जा बर्गर आदि खाना , शारीरिक श्रम न करना आदि कब्ज होने के कारण हैं . आइये जानते हैं आखिर कब्ज क्यों होता है .

  • भोजन के समय में अनियमितता .
  • मानसिक तनाव .
  • शारीरिक श्रम में कमी .
  • पानी कम पीना .
  • गरिष्ठ भोजन करना .
  • भोजन में फाइबर की कमी .
  • चाय कॉफ़ी का अधिक सेवन .
  • शराब व धूम्रपान का सेवन .
  • फास्ट फ़ूड या जंक फ़ूड का सेवन .
  • मैदा , बेसन , मावा आदि से बनी वस्तुओं का अधिक उपभोग .
  • डायटिंग या अनशन करना .
  • मल के वेग को रोकना .
  • चना , उड़द , राजमा आदि का अधिक सेवन .
  • चोकर रहित बारीक आटे की पिसी रोटियाँ खाना .
  • अफीम , भांग , चरस आदि का नशा करना .
  • हरी पत्तेदार सब्जियों को भोजन में शामिल न करना .
  • कच्चा सलाद या मौसमी फलों का सेवन न करना .
  • कुछ दवाइयों का दुष्प्रभाव .
  • पेट के विकार .
  • मांसाहार ( मटन , चिकन आदि ) का अधिक सेवन .

कब्ज में परहेज

चूंकि कब्ज का मुख्य कारण गलत खान पान है इसलिए खान पान की आदतों में सुधार कर इससे बचा जा सकता है . आइये जानते हैं कि किन किन चीजों का कब्ज में परहेज करना चाहिए ? ( ल्यूकोरिया का इलाज )

कब्ज में परहेज
  • मैदा , बेसन , मावे से बनी चीजों से बचें .
  • कचौरी , समोसा , पिज्जा , बर्गर , नमकीन , बिस्किट्स , डिब्बा बंद भोजन से बचें .
  • चना , उड़द , राजमा आदि का अधिक सेवन न करें .
  • वेग धारण न करें .
  • चाय , कॉफ़ी का अधिक सेवन न करें .
  • सभी नशों से दूर रहें .
  • शराब , धूम्रपान आदि से बचें .
  • मांसाहार का अधिक सेवन न करें .

कब्ज के घरेलू उपचार

नीचे कब्ज दूर करने के कुछ घरेलू और आसान उपाय बताये जा रहे हैं जिहें अपनाकर आप कब्ज से निजात पा सकते हैं . कब्ज के घरेलू उपचार निम्नलिखित हैं .

  • भोजन में सलाद की मात्रा बढायें .
  • पानी खूब पियें .
  • चोकर युक्त आटे का प्रयोग करें .
  • फ़ास्ट फ़ूड और जंक फ़ूड से बचें .
  • भोजन धीरे धीरे खूब चबा चबा कर करें .
  • हरी सब्जियों और मौसमी फलों का सेवन करें .
  • नाश्ते में अंकुरित अनाज का प्रयोग करें .
  • भोजन नियमित समय पर करें .
  • ताजा और सुपाच्य भोजन करें .
  • योग या व्यायाम करें .
  • फलों के जूस के स्थान पर फलों का सेवन करें .
  • चाय , कॉफ़ी का अधिक सेवन न करें .
  • धूम्रपान और मदिरा सेवन से बचें .
  • मांसाहार का अधिक सेवन न करें .
  • समय पर सोयें और समय पर जागें .
  • सोने के समय और डिनर में कम से कम दो घंटों का अंतराल हो .
  • रात के भोजन के बाद थोड़ी देर अवश्य टहलें .

कब्ज के लिए उच्च फाइबर फल

फाइबर युक्त भोजन का सेवन कब्ज दूर में बहुत सहायक होता है . आइये बताते हैं कब्ज के लिए उच्च फाइबर फल और सब्जियां जिनका सेवन कब्ज दूर करने में मददगार होता है .

  • फल – पपीता , आलू बुखारा , नाशपती, अंजीर , कीवी , जामुन , सेव , तरबूज , आम , संतरा , अंगूर , अमरुद , अनार , खजूर आदि फलों का सेवन कब्ज में लाभदायक होता है .
  • सब्जियां – पालक , मेथी , ब्रोंकली , बथुआ , गाजर , मूली , शलगम , शकरकंद , पत्ता गोभी , तोरई , करेला , लौकी , कद्दू , बैंगन आदि का सेवन कब्ज में अच्छा रहता है .
  • सलाद – ककड़ी , खीरा , टमाटर , प्याज आदि का सलाद कब्ज में लाभप्रद है .
  • अंकुरित अनाज व दालें – अंकुरित गेहूं , चना , मूंग आदि भरपूर फाइबर युक्त होने के कारण कब्ज में लाभदायक हैं .

कब्ज की आयुर्वेदिक दवा

स्वस्थ दिनचर्या और उचित खान पान अपनाकर कब्ज से राहत पायी जा सकती है . जहां तक संभव हो कब्ज को दूर करने के लिए प्राकृतिक उपचार का ही सहारा लेना चाहिए , अधिक परेशानी होने पर योग्य आयुर्वेद चिकित्सक के निर्देशन में निम्नलिखित कब्ज की आयुर्वेदिक दवा का इस्तेमाल किया जा सकता है –

FAQ

प्रश्न – कब्ज किसकी कमी से होता है ?

उत्तर – अनियमित जीवन शैली , अनुचित खान पान और भोजन में रेशेदार ( फाइबर युक्त ) खाद्य पदार्थों की कमी कब्ज के मुख्य कारण हैं .

प्रश्न – कब्ज में कौन से भोजन से परहेज करें ?

उत्तर – मैदा , मावे से बनी चीजें , मांसाहार , उड़द , बाजरा , चना , राजमा , चाय कॉफ़ी , शराब , कचौरी , समोसा , बिस्कुट आदि कब्ज को बढाने वाले होते हैं इसलिए कब्ज होने पर ऐसे खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए .

प्रश्न – कब्ज के लिए रोजाना क्या लेना सुरक्षित है ?

उत्तर – कब्ज दूर करने के लिए फाइबर युक्त फल और सब्जियों का अधिक प्रयोग करें तथा खूब पानी पियें . रोजाना लेने के लिए त्रिफला चूर्ण को सुरक्षित और लाभदायक माना जाता है .

दोस्तों आज के लेख में हमने कब्ज क्यों होता है , कब्ज में परहेज क्या करने चाहिए , कब्ज होने पर क्या खाना चाहिए , कब्ज की आयुर्वेदिक दवा और कब्ज के घरेलू उपचार क्या हैं आदि जानकारी शेयर की . आशा है आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा . अगले लेख में नयी जानकारी के साथ हाजिर होंगे .

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