क्या हैं छोटी हरड़ के फायदे और नुकसान सम्पूर्ण जानकारी | 11 Tremendous Benefits of Harad.

हैलो दोस्तों ! आयुर्वेद और साहित्य ब्लॉग में आज का विषय है छोटी हरड़ के फायदे और नुकसान . त्रिफला के एक घटक हरड़ के बारे में यह माना जाता है कि harad ke fayde ही होते हैं और यह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाती . यह भी कहा जाता है कि ‘ नास्ति यस्य गृहे माता , तस्य माता हरीतकी ‘ अर्थात् जिसके घर में माँ नहीं होती उसकी माँ harad या हरीतकी होती है .

छोटी हरड़ के फायदे और नुकसान
छोटी हरड़ के फायदे और नुकसान

हरीतकी या हरड़ का परिचय [ Harad Kya Hota Hai ? ]

त्रिफला के नाम से सभी परिचित होंगे , त्रिफला के तीन फलों में एक हरीतकी या हरड़ है और अन्य दो फल बहेड़ा और आंवला होते हैं . हरड़ सभी के लिए उपयोगी है और किसी भी ऋतु में इसका सेवन किया जा सकता है . छोटी हरड़ और बड़ी हरड के नाम से यह दो रूपों में बाजार में मिलती है . गुठली बनने से पहले जिन फलों को तोड़ कर सुखा लिया जाता है वो छोटी हरड़ और जो गुठली वाले फल होते हैं उन्हें बड़ी हरड़ कहा जाता है .

हरीतकी शरीर में पाए जाने वाले तीनों दोषों वात , पित्त और कफ में संतुलन बनाये रखने में सहायक और उत्तम रसायन है . यह स्वाद में कुछ कसैली होती है . इसे संस्कृत में हरीतकी , अभया , पथ्या , शिवा आदि नामों से जाना जाता है और अंग्रेजी में इसे Chebulic Myrobalan कहते हैं .

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हरीतकी के लाभ [ Harad Ke Fayde ]

छोटी और बड़ी दोनों प्रकार की हरड़ औषधीय गुणों से युक्त होती हैं और दोनों का प्रयोग औषधि के रूप में किया जाता है . हरीतकी का प्रयोग पेट के रोगों में , छालों में , उलटी , दस्त , कब्ज , बवासीर आदि रोगों में किया जाता है . यह शोथ हर , वेदना शामक , व्रण शोधक , शक्ति वर्धक , विरेचक , मूत्रल , ज्वर नाशक , अग्नि दीपक [ भूख लगाने वाली ] आदि गुणों से युक्त होती है इसलिए इसके प्रयोग का प्रभाव सम्पूर्ण शरीर पर पड़ता है .

harad ke fayde
Harad Ke Fayde

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छोटी हरड़ के फायदे और नुकसान

छोटी हरड़ के फायदे

  1. हरड़ का चूर्ण रात को सोते समय गर्म पानी से लेने पर कब्ज में लाभ होता है .
  2. हरड़ का चूर्ण मुंह के छालों पर दिन में 3 -4 बार लगाने पर लाभ होता है .
  3. हरड़ का चूर्ण सैंधा नमक के साथ मिला कर लेने से बदहजमी और पेट दर्द में फायदा होता है .
  4. हरड़ को पुराने गुड के साथ खाने से हिचकी में आराम मिलता है .
  5. हरड़ के चूर्ण के गरारे करने से मसूढ़ों की सूजन में कमी होती है .
  6. छोटी हरड़ का नियमित सेवन वजन कम करने में सहायक होता है .
  7. हरड़ का चूर्ण शहद के साथ सेवन करने से उल्टी में लाभ मिलता है .
  8. हरड़ का चूर्ण भूख बढाने में भी सहायक होता है .
  9. बवासीर होने पर हरड़ का चूर्ण गर्म पानी से सेवन करने पर कब्ज दूर होती है और हरीतकी के काढ़े से मस्सों को धोने पर लाभ होता है .
  10. हरड़ के काढ़े से धोने पर घाव में लाभ होता है .
  11. हरड़ , बहेड़ा और आंवला से बालों को धोने पर बाल चमकीले , मजबूत और काले होते हैं .

छोटी हरड़ के नुकसान

सामान्यतः छोटी हरड़ के कोई नुकसान अभी ज्ञात नहीं हैं और हरीतकी के बारे में तो यह कहा जाता है कि माता कुपित हो सकती है लेकिन हरीतकी नहीं . फिर भी मात्रा का सही ज्ञान नहीं होने से अति मात्रा या अनुचित अनुपान के साथ कुछ नुकसान हो सकता है इसलिए विशेषज्ञ की देख रेख में ही किसी औषध का सेवन करना उचित रहता है .

FAQ

प्रश्न – क्या हम रोज हरड़ खा सकते हैं ?

उत्तर – जी हाँ हरड़ का उचित मात्रा में रोज सेवन किया जा सकता है . रोज हरड़ खाने से पाचन तंत्र में सुधार होता है और गैस एवं कब्ज की समस्या से राहत मिलती है .

प्रश्न – क्या हरड़ कब्ज को ठीक कर सकती है ?

उत्तर – जी हाँ हरड़ विरेचक होती है और इसके सेवन से कब्ज ठीक होती है .

प्रश्न – हरड़ के दुष्प्रभाव क्या हैं ?

उत्तर – सामान्यतः हरड़ के कोई दुष्प्रभाव नहीं देखने को मिलते और यह पूर्णतः हानि रहित औषध है किन्तु अति मात्रा में सेवन से अतिसार ( दस्त ) हो सकते हैं . इसलिए उचित मात्रा में और सही अनुपान से चिकित्सक के परामर्श से ही किसी औषधि का सेवन करना चाहिए .

प्रश्न -हरड़ का दूसरा नाम क्या है ?

उत्तर – हरड़ का वानस्पतिक नाम Terminalia Chebula है और आयुर्वेद में इसे हरीतकी , अभया , पथ्या , शिवा आदि नामों से जाना जाता है .

दोस्तों आज के लेख में हरीतकी के लाभ बताये गये . आशा है आपको हमारा आर्टिकल छोटी हरड़ के फायदे और नुकसान पसंद आया होगा . अगले लेख में अन्य कोई उपयोगी जानकारी के साथ फिर मिलेंगे , अपना साथ बनाए रखें .

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